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जानिए ब्यूटी केयर प्रोडक्ट किस तरह स्किन को प्रभावित करते है

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मल्टीनेशनल कंपनियां सौंदर्य प्रसाधन सामग्री के लिए विकासशील देशों  आकर्षक विज्ञापन देती हैं, ताकि यहां की महिलाएं उनके द्वारा कि सौंदर्य सामग्री

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नारियल तेल के हैं अचूक फायदे, इसे करें जरूरी मेकअप प्रोडक्ट की तरह इस्तेमाल
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Beauty Products

मल्टीनेशनल कंपनियां सौंदर्य प्रसाधन सामग्री के लिए विकासशील देशों  आकर्षक विज्ञापन देती हैं, ताकि यहां की महिलाएं उनके द्वारा कि सौंदर्य सामग्री का इस्तेमाल करें। इनमें से अधिकांश सौंदर्य सामग्री है, जो उनके देश में ठुकराई जा चुकी है या हानिकारक प्रभावों की वजह प्रतिबंधित है। रासायनिक सम्मिश्रणों से तैयार यह सामग्री तात्कालिक निखार देती  है, लेकिन प्रभाव हानिकारक ही होते हैं। पिछले सालों में ब्यूटी पार्लर गली-गली और मौहल्लों में खुल गए हैं। इनमें सौंदर्य निखारने के नाम पर जिन घटिया और नकली सौंदर्य सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उनका नियमित इस्तेमाल करने वाली महिलाओं को तरह-तरह के चर्म रोग होने की संभावना रहती है। 

महिलाएं जब कोई सौंदर्य सामग्री लगाती हैं, तो शीशी पर रसायनों के नाम पढ़ना भूल जाती हैं। यदि वे उन रसायनों के नाम पढ़ लें, जो उनमें हैं, तो शायद उनका इस्तेमाल ही न करें। नेल पॉलिश भी धीमा जहर है, जो अपनी गिरफ्त में ले लेता है और जब तक कोई संभले, तब तक देर हो चुकी होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी नेल पॉलिश को घातक प्रसाधन घोषित किया है।

गोरा होने की क्रीमो से साइड इफेक्ट 

इन दिनों गोरा होने की क्रीमें  खूब बिक रही हैं। एक अध्ययन से ज्ञात हुआ है कि गोरा होने की क्रीम के नियमित इस्तेमाल से त्वचा पर साइड इफेक्ट तक हो जाता है। क्रीमों से भले ही चेहरा तरोताजा दिखाई दे, लेकिन आप ऐसा करके त्वचा संबंधी रोगों को निमंत्रण दे रही हैं, क्योंकि अधिकांश क्रीमों में पेट्रोकेमिकल, इथाइल जैसे रसायन व पशुओं की चर्बी मिलाई जाती है। ये सभी दाद, खाज, खुजली या त्वचा संबंधी एलर्जी उत्पन्न करते हैं।
शैम्पू से धोने पर बाल साफ एवं मुलायम नजर आते हैं, लेकिन इसमें मिले रसायन नुकसानदायक हैं, जिससे बाल तेजी से झड़ने और सफेद होने लगते हैं।

ब्यूटी बढ़ने के साथ नुकसान

माथे की बिंदी हटाकर देखें, तो उसके नीचे सफेद धब्बा पाएंगी। किसी दिन बिंदी लगाना भूल जाएं, तो यह निशान दूर से देखा जा सकता है। आई शैडो, आई लाइनर, काजल, सुरमा आदि का प्रयोग भी नुकसान पहुंचाता है। आंखों के चारों तरफ काले दाग-धब्बे इसी का परिणाम होते हैं। काजल या सुरमा के नियमित प्रयोग से आंखों की स्वाभाविक सफेदी व चमक गायब हो जाती है और आंखें काली-काली सी दिखाई देती हैं। आंखें बेहद कोमल व संवेदनशील होती हैं। अत: आईलाइनर एवं मसकरा के रंग आदि से आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। 
हेयर रिमूवर्स  इस्तेमाल पड़ सकता है महंगा अवांछित बाल हटाने के लिए हेयर रिमूवर्स का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है।ऐसे रिमूवर्स पर लिखा होता है कि हाथ की त्वचा पर परीक्षण के बाद इस्तेमाल करें, लेकिन कई बार हाथ की त्वचा पर कुप्रभाव एकदम दिखाई नहीं देते, पर जब उसे कोमल अंगों पर लगाया जाता है, तो एलर्जी या कोई चर्म रोग उत्पन्न हो सकते हैं। चेहरे और हाथों में अनचाहे बालों का सफाया करने के लिए ब्लीचिंग की जाती हैं, परंतु इसकी वजह से त्वचा पर कई तरह के कुप्रभाव उत्पन्न हो जाते हैं। 
लिपस्टिक में इस्तेमाल होने वाले कार्बोर्वाबीक्स, अरंडी का तेल और तमाम रंग नुकसान पहुंचाने वाले हैं। इन घटिया व नकली रसायनों से कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है। प्रजनन की गड़बड़ियां, यकृत की बीमारी आदि भी हा सकती है। लिपस्टिक लगाने से होंठों को स्वच्छ वायु नहीं मिल पाती और उन पर झुर्रियां पड़ने लगती हैं। बार-बार सस्ती और घटिया लिपस्टिक के इस्तेमाल से होंठों पर काली झाई पड़ने लगती है। इसी प्रकार बार-बार हेयर डाई करते रहने से बाल तेजी से सफेद होने लगते हैं।
यदि साधारण नैन-नक्श वाली महिलाएं भी सलीके से पहने-ओढ़ें, प्राकृतिक आहार-विहार और सौंदर्य-प्रसाधन ही प्रयोग करें, तो आकर्षक व्यक्तित्व प्राप्त कर सकती हैं।

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