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पीएम मोदी ने कहा UN में स्थायी सदस्यता के लिए भारत कब तक करे इंतजार

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कोरोना से जंग में UN की भूमिका‌ पर पीएम मोदी ने सवाल किया कि‌ भारत की आवाज हमेशा शांति, सुरक्षा, और समृद्धि के लिए उठेगी. विश्व के सब से बड़े लोकतंत्र

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PM Modi UN speech
कोरोना से जंग में UN की भूमिका‌ पर पीएम मोदी ने सवाल किया कि‌ भारत की आवाज हमेशा शांति, सुरक्षा, और समृद्धि के लिए उठेगी. विश्व के सब से बड़े लोकतंत्र होने की प्रतिष्ठा और इसके अनुभव को हम विश्व हित के लिए उपयोग करेंगे हमारा मार्ग जनकल्याण से जगकल्याण का है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के बीच शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को डिजिटल माध्यम से संबोधित किया. उन्होंने जहां संयुक्त राष्ट्र (United Nation) के स्वरूप में वक्त के मुताबिक बदलाव की मांग उठायी, तो वहीं सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर जोरदार तरीके से दावेदारी पेश की. नरेंद्र मोदी ने यूएन की मौजूदा प्रासंगिकता पर सवाल खड़े किये और पूछा कि आज पूरे विश्व समुदाय के सामने बड़ा सवाल है कि जिस संस्था का गठन तब की परिस्थितियों में हुआ था, उसका स्वरूप क्या आज, 21वीं सदी में भी प्रासंगिक है?

भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि आखिर सबसे बड़े लोकतंत्र और दुनिया की 18 फीसदी आबादी वाले देश को कब तक स्थायी सदस्यता के लिए इंतजार करना पड़ेगा? स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी बदल जाएं और हम बदले का भाव परिवर्तन लाने की ताकत को कमजोर करती है, अपने 22 मिनट के संबोधन में कोरोना संकट से उबरने में संयुक्त राष्ट्र संघ की उदासीनता पर भी सवाल उठाये. पूछा कि पिछले आठ से नी महीने से पूरा विश्व इस वायरस से जूझ रहा है. इससे निबटने के प्रयासों में यूएन कहां है? एक प्रभावशाली रेस्पॉन्स कहां है?

पीएम मोदी ने ‌बदलाव के लिए दिये तीन मंत्र

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर, संस्कार, हजारों वर्षों के अनुभव, हमेशा विकासशील देशों को ताकत देंगे. रिफॉर्म-परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ भारत ने करोड़ों भारतीयों के जीवन में बड़े बदलाव लाने का काम किया है. ये अनुभव, विश्व के बहुत से देशों के लिए उतने ही उपयोगी हैं, जितने हमारे लिए.

भारत कोरोना से विश्व को उबरने में करेगा मदद

पीएम मोदी ने कहा कि महामारी के इस मुश्किल समय में भारत ने 150 देशों को जरूरी दवाएं भेजी हैं. विश्व के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के तौर पर मैं वैश्विक समुदाय को आश्वासन देना चाहता हूं कि भारत की वैक्सीन उत्पादन क्षमता मानवता को इस संकट से बाहर निकालने में काम आयेगी. हम भारत और अपने पड़ोस में फेज 3 क्लिनिकल ट्रायल की ओर बढ़ रहे हैं. वैक्सीन डिलिवरी के लिए कोल्ड चेन बनाने में भारत सभी की मदद करेगा.

चीन पर निशाना- दोस्तों को हम नहीं करते मजबूर

पीएम मोदी ने बिना नाम लिए चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत जब किसी से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है, तो किसी तीसरे के खिलाफ नहीं होती. भारत की विकास की साझेदारी मजबूत करता है, तो उसके पीछे किसी साथी देश को मजबूर करने की सोच नहीं होती. इशारा चीन की कर्जजाल नीति की ओर था, जिसके तहत उसने कई छोटे देशों को कर्ज दिया फिर उन्हें अपनी शर्ते मानने को मजबूर किया.

मजबूत हैं, तो सताया नहीं-  मजबूर थे, तो बोझ नहीं बने

भारत की उपलब्धियों का करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारी आवाज हमेशा विश्व की शांति, सुरक्षा, और समृद्धि के लिए उठी है और उठेगी. भारत न सिर्फ सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि एक ऐसा देश है, जहां जहां सैकड़ों भाषाएं हैं, अनेक पंथ व विचारधारा हैं. जिस देश ने वर्षों तक वैश्विक अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने और वर्षों की गुलामी, दोनों को जिया है. फिर भी जब हम मजबूत है, तो सताया नहीं, जब मजबूर थे, तो बोझ नहीं बने.
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