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राजे रजवाड़ों के साथ पर्यटन का केंद्र राजस्थान

पूजा में न करें इस तरह के फूलों का इस्तेमाल, जानें भगवान को कैसे पुष्प अर्पित किए जाते हैं
जानिए किस देवता को कौनसा फूल चढ़ाने से होती हैं मनोकामनाएं पूरीं
पैसा खुशहाली की जड़ नहीं है, प्रसन्न रहना ही है सबसे बड़ी दवा
Hawa Mahal

पर्यटन की दृष्टि से राजस्थान, विदेशी सैलानियों से गुलजार रहता है लेकिन यहां के किलों की दीवारों को प्रेम के इजहारों ने बदरंग कर दिया है

पर्यटन के लिहाज से राजस्थान देश का ऐसा राज्य है जिसके हर इलाके में कुछ न कुछ देखने लायक है। चाहे थार का रेगिस्तान हो, राजे-रजवाड़ों के किलेनुमा महल हो. दुनिया का समाज ब्रह्माजी का मंदिर हो या अरावली की लंबी पर्वत श्रृंखला हो ये सब आपको सुखद अनुभूति कराते हैं । अजमेर की विश्व प्रसिद्ध मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को हम छोड़ दें तो यह राजस्थान के माथे पर चमकता हुआ एक और मुकुट है। इसी माह में अजमेर और जयपुर की यात्रा पर गया तो इस विशिष्ट प्रदेश की कुछ और जगहों को करीब से देखा । खट्टे-मीठे दोनों तरह के अनुभव हुए। हालांकि प्रचंड गर्मी का यह मौसम घूमने-फिरने के अनुकूल तो नहीं था लेकिन जून के दूसरे सप्ताह में हल्की बारिश से गर्मी थोड़ी कम हो गई थी। इन्हीं दिनों जैसलमेर में बाढ़ भी आ गई थी।

सृष्टि के रचयिता ब्रह्माजी के साथ है पुष्कर का धर्मिक महत्व 

पुष्कर में सृष्टि के रचयिता ब्रह्माजी का प्राचीन मंदिर देखकर जितनी तसल्ली हुई, वहीं वहां का सूखा शरीर देखकर घोर निराशा हुई। यह ब्रह्म सरोवर ही पुष्कर की खूबसूरती में चार चांद लगाता था लेकिन उस समय वहां जो मशीनों से मिट्टी की खुदाई हो रही थी। 
Pushkar lake

सरोवर को नया रूप देने के लिए इन दिनों कहां निर्माण कार्य चल रहा है । पुष्कर के बारे में सुना था कि वहां के सरोवर में स्नान करने से कई व्याधियां दूर हो जाती है फिलहाल आपको वहां कई छोटे-छोटे कृत्रिम सरोबर मिल जाएंगे जो पुष्कर में सरोवर देखने का अहसास कराते हैं। इनमें पाइप से पानी भरा जाता है। अजमेर शहर में अनासागर झील में पानी तो लेकिन बहुत कम हो गया है। यह झील पहाड़ियों से घिरे इस शहर की सुंदरता बढ़ाती है। पुष्कर के मंदिर में यह देख बड़ी राहत महसूस हुई कि वहां चढ़ावे के लिए कोई जो जबरदस्ती नहीं है। अगर आप कम पैसे की चादर (छोटी चादर) चढ़ाने के लिए लेना चाहते हैं तो दुकानदार टोकते हुए बड़ी चादर लेने के लिए कह सकते हैं । दरगाह परिसर में चादर फूल आदि बेचने की तमाम दुकानें हैं । दुकान से ही आपकी मदद के लिए जो व्यक्ति साथ में जाएगा वह मजार पर चादर चढ़वाने के बाद कुछ बख्शीश मांगेगा। मुख्य गेट के भीतर ही बड़ी देग और छोटी देग रखे हैं जिन्हें देखने वाले उसमें कुछ पैसा जरूर डालते हैं।

ऐतिहासिक धरोहरें है राज्य की शान 

आज पिंक सिटी जयपुर की रंगत ही बदल गई है। जगह-जगह फ्लाई ओवर, होटल और मॉल ने शहर को नया रूप दे दिया है। खूबसूरत बिड़ला मंदिर शहर की शान बढ़ा रहा है। राजाओं का शहर होने के नाते वहां कई महल और किले हैं जिन्हें देखकर आप अपने ऐतिहासिक धरोहर से परिचित हो सकते हैं।
Lakshmi Narayan Karun painting

राजस्थानी संस्कृति की झलक देखने के लिए शहर से 25 किमी दूर चोखी ढाणी है। वहां का महंगा टिकट 1. (एक वयस्क के लिए 350 रुपए) पहली बार जाने वालों के होश उड़ा देता है। यह एक तरह का विलेज रिसॉर्ट है। गेट पर राजस्थानी पोशाक में खड़ा संत्री तिलक लगाकर आपका स्वागत करेगा। अंदर राजस्थानी नृत्य, आजाद, पपेट शो, सर्कस आदि दिखाने का इंतजाम है। अंत में भोजन के लिए थाली लेकर लाइन में लग जाए । राजस्थान की मशहूर दाल-बाटी चूरमा का स्वाद आप ले सकते हैं । खाने का मूल्य टिकट में ही शामिल है। 

अपनी विरासत समेटे यहाँ के किले 

अरावली की पहाड़ियों पर नाहरगढ़, जयगढ़ और आमेर का किला, घूमने की तीन मुख्य जगहें हैं । ये किले राजस्थान के अमूल्य धरोहर है । लेकिन इन्हें गंदा करने में हम भारतीय गर्व महसूस करते हैं। नाहरगढ़ में पुराना राज निवास है। जिसकी दीवारों पर आजकल के युवाओं ने अपने प्रेम प्रतीक उकेर दिए हैं। पूरे महल में कहीं कोई कोना ऐसा नहीं मिला जहां की दीवार साफ-सुथरी बची हो ।
City palace

जयपुर का मशहूर हवा महल भी इससे होता नहीं है। वहां की दीवारों, झरोखों पर भी युवा प्रेमियों ने संदेश लिख रखे हैं। विदेशी पर्यटक इन जगहों को देखने खूब आते हैं। इन दीवारों को देखकर वे भारत के बारे में क्या छवि बनाते होंगे, बताने की जरूरत नहीं। हमारी कई धरोहर इस गंदगी से अटी पड़ी हैं। इन्हें कौन बचाएगा, यह एक जटिल सवाल है। सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। नाहरगढ़ के महल से जयपुर शहर का विहंगम दृश्य बड़ा मनोहारी लगता है। सिटी पैलेस, जंतर-मंतर और हवा महल तो आस-पास ही है। इसलिए इन्हें देखने में ज्यादा मुक्त भी नहीं है। इन महलों और किलों को देखने के लिए 20 से 50 रुपए तक के टिकट है । झील के बीच आप जल महल निहार सकते हैं। सिटी पैलेस में राजा-महाराजाओं की पोशाकों, हथियारों और अन्य दुर्लभ वस्तुओं का संग्रहालय है।