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शिवराज मंत्रिमंडल में रहा सिंधिया का प्रभाव, 20 कैबिनेट और 8 राज्यमंत्री बने

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शिवराज मंत्रिमंडल में आज 28 नए मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिनमें 20 कैबिनेट मंत्री और आठ राज्य मंत्री बनाए गए हैं।भोपाल.‌ शिवराज सिंह चौहान सरकार

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Jyotiraditya sindhiya with Narendra Singh tomar
शिवराज मंत्रिमंडल में आज 28 नए मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिनमें 20 कैबिनेट मंत्री और आठ राज्य मंत्री बनाए गए हैं।
भोपाल.‌ शिवराज सिंह चौहान सरकार ने बड़े आंतरिक विवाद के बाद आज अंततः पूर्ण रूप हासिल कर लिया। राजभवन में एक सादे समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 28 नये मंत्रियों को शपथ दिला दी। खास बात यह है कि इस विस्तार के साथ ही कैबिनेट में कांग्रेस से भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों व अन्य नेताओं की संख्या 13 हो गई है। जबकि भाजपा के मूल कॉडर के सीएम सहित 21 सदस्य कैबिनेट में हैं,इनमें भी कई ऐसे चेहरे हैं जो भाजपा में नई लाइन को मजबूत बनाने की गरज से हाइकमान के निर्देश पर शामिल किये गये हैं और उन अनुभवी चेहरों को फिलहाल छोड़ दिया गया है जो लंबे समय मंत्री रहे हैं और शिवराज सिंह चौहान के भरोसेमंद भी माने जाते हैं। भोपाल से विधायक विश्वास सारंग को फिर मंत्री बनाया गया है। शपथ समारोह केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और सिंधिया भी मौजूद थे।राजभवन में लगभग 45 मिनट चले शपथ समारोह में पहले की तरह होने वाली गहमागहमी और उत्साह नहीं था,कोरोना संक्रमण के एहतियात व कैबिनेट विस्तार को लेकर चली लंबी उलझनों व मतभिन्नताओं का असर इस पर साफ नजर आया। शपथ के बाद सभी मंत्री मंत्रालय पहुंचे जहां मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में सरकार के कामकाज की जानकारी दी। विभाग वितरण शाम तक होने के आसार है।

20 कैबिनेट, 8 राज्यमंत्री बने

कैबिनेट मंत्री: गोपाल भार्गव, जगदीश देवड़ा, बिसाहूलाल सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, भूपेन्द्र सिंह, एंदल सिंह कंसाना, बृजेंद्र प्रताप सिंह, विश्वास सारंग, इमरती देवी, डॉ. प्रभुराम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसौदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रेम सिंह पटेल, ओम प्रकाश सकलेचा, सुश्री ऊषा ठाकुर, अरविंद भदौरिया, डॉ. मोहन यादव, हरदीप सिंह डंग, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, विजय शाह
राज्य मंत्री: भरत सिंह कुशवाह, इंदर सिंह परमार, रामखेलावन पटेल, रामकिशोर कांवरे, बृजेंद्र सिंह यादव, गिराज सिंह दण्डोतिया, सुरेश धाकड़, ओपीएस भदौरिया

वरिष्ठ बीजेपी नेताओं में नाराजगी

कैबिनेट में जगह बनाने मे कामयाब हो गये भूपेंद्र सिंह,विजय शाह, ब्रजेंद्र प्रताप सिंह को शिवराज का विश्वस्त माना जाते है।वहीं गोपाल भार्गव अपनी वरिष्ठता के चलते इसमें जगह बना पाये हैं, कुछ समय पहले तक उनके स्पीकर बनने का संभावना जताई जा रही थी।जबकि प्रोटेम स्पीकर जगदीश देवड़ा को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वहीं शिवराज के अन्य समर्थक गौरीशंकर बिसेन,रामपाल सिंह,राजेंद्र शुक्ला,संजय पाठक, पारस जैन, सुरेन्द्र पटवा को इस बार बाहर बैठा दिया गया है।
जानकार सूत्रों का कहना है कि कल देर रात तक चौहान और विनय सहस्त्रबुद्धे इन विधायकों को समझाईश देते रहे। उन्हें भरोसा दिया गया है कि आने वाले समय में उन्हें सम्मानजनक स्थान दिया जाएगा। हालांकि यह भी तय है कि इन्हें मंत्री बनाना अब संभव नहीं होगा,क्योंकि शिवराज कैबिनेट की 99 फीसदी सीटें फुल हो चुकी हैं अब नियमानुसार सिर्फ एक मंत्री के लिये ही गुंजाइश बाकी है।हालांकि विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के तौर पर दो भाजपा विधायकों को नवाजने की गुंजाइश भी है।

पहली बार 14 ऐसे मंत्री बने जो विधायक नहीं

शिवराज कैबिनेट के विस्तार में जो नेता विधायक न होने के बाद भी मंत्री बन गए हैं, ये सभी कांग्रेस के बागी और ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक हैं। मंत्री बनने वाले ऐसे कुल लोगों की संख्या 14 है जिसमें से दो पूर्व विधायक तुलसी राम सिलावट और गोविन्द सिंह राजपूत पहले ही मंत्री बन चुके हैं। आज मंत्री बनने वालों में बिसाहूलाल सिंह, एंदल सिंह कंसाना और हरदीप डंग कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए थे और 10 मार्च को इन्होंने कांग्रेस विधायक पद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा सिंधिया समर्थक जो पूर्व विधायक मंत्री बने हैं, उसमें इमरती देवी, प्रभुराम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, बृजेन्द्र सिंह यादव, गिर्राज दंडोतिया, सुरेश धाकड़, आईपीएस भदौरिया शामिल हैं।

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