चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (Chaudhari Charan Singh International airport), लखनऊ की यात्री सुविधाएं रविवार आधी रात के बाद अडानी ग्रुप (Adani group) के जिम्मे हो जाएंगी. एयरपोर्ट पर रात की लैंडिंग बंद होने के कारण सोमवार सुबह से यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं का प्रबंधन अडानी लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (Adani Lucknow International Airport Limited) करेगा.
उधर, शनिवार को मेंगलुरु अडानी ग्रुप के देश का पहला एयरपोर्ट बन गया, जहां यात्री सुविधाएं अडानी ग्रुप ने शुरू कर दी हैं. लखनऊ के बाद अडानी ग्रुप को अहमदाबाद एयरपोर्ट सात नवंबर से 50 साल के लिए मिलेगा.
50 साल के लिए दिया गया अडानी ग्रुप को
नई व्यवस्था में एटीसी और सीआइएसएफ को छोड़कर लखनऊ एयरपोर्ट पर सभी सेवाएं अडानी ग्रुप के हाथ में होंगी. लखनऊ एयरपोर्ट भी 50 साल के लिए अडानी ग्रुप को दिया गया है. समूह का कार्यालय इंटरनेशनल टर्मिनल भवन में होगा. यहां पहले भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण का कार्यालय था.
संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी
एयरपोर्ट की संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. लखनऊ एयरपोर्ट से सालाना करीब 55 से 60 लाख घरेलू और अंतररारष्ट्रीय यात्री आवागमन करते हैं. सामान्य दिनों में 50 से 55 घरेलू विमान रोजाना लखनऊ आते और इतने ही रवाना होते हैं. जबकि, अंतरराष्ट्रीय विमानों की संख्या भी कोरोना काल से पहले यहां प्रतिदिन छह से सात थी.
पूर्व निदेशक एससी होता बनाए गए हैं सीईओ
एयरपोर्ट पर अभी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के कामर्शियल विंग के कर्मचारी और अधिकारी भी तीन साल तक अडानी ग्रुप के साथ रहेंगे. हालांकि, एयरपोर्ट निदेशक का पद बरकरार रहेगा या नहीं? यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है. अडानी ग्रुप की ओर से लखनऊ एयरपोर्ट के पूर्व निदेशक एससी होता को एएलआइएएल का सीईओ बनाया गया है, उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है.
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