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Covid-19 के शुरुआती लक्षण वाले लोग घर पर ही आइसोलेट हो सकते हैं

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Covid-19
कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच इसकी दवा और वैक्सीन बनाने को लेकर अलग-अलग देशों के वैज्ञानिक प्रयोग कर रहे हैं। देश में फिलहाल लॉकडाउन चल रहा है और कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को आइसोलेट कर उनका इलाज किया जा रहा है। संक्रमित लोगों को उनके लक्षणों के आधार पर अस्पताल में बनाए गए कोविड वार्ड के अलावा अस्थाई कोविड केयर सेंटर में भी रखा जाता है। वहीं, शुरुआती लक्षणों वाले मरीजों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने सेल्फ आइसोलेशन या होम आइसोलेशन का दिशानिर्देश जारी किया है। इसके मुताबिक, बहुत हल्के (वेरी माइल्ड) लक्षणों वाले मरीज खुद को घर में ही आइसोलेट कर सकते हैं। हालांकि इसकी कुछ जरूरी शर्तें हैं, जिन्हें मानना जरूरी है। आइए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से

  • वेरी माइल्ड कैटेगरी यानी बहुत हल्के लक्षणों वाले मरीज के घर पर सेल्फ आइसोलेशन की पूरी सुविधा होनी चाहिए। यानी कि उनका कमरा, बेड वगैरह व्यक्तिगत होना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि उनका तौलिया और इस्तेमाल की चीजें व्यक्तिगत हो। उनकी सेवा करने वाला व्यक्ति भी पूरी तरह सतर्क रहें।
  • परिवार के सदस्यों को क्वारंटीन करने की सुविधा होनी चाहिए। मरीज की 24 घंटे देखभाल के लिए कोई व्यक्ति जरूर हो। देखभाल करने वाले व्यक्ति अस्पताल से संपर्क में रहें।