HomeNationalTop stories

India-China tension: भारत की मांग- LAC से 10 हजार सैनिक हटाए ड्रैगन, तब ही खत्म होगा तनाव

my-portfolio

भारत ने कहा सीमा से तोप, टैंक, बख्तरबंद वाहन भी हटाए चीन मेजर जनरल स्तर की वार्ता में पूर्व स्थिति बहाल करने पर जोरनई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में तीन जग

ट्रस्टों से सोना लेने के बयान पर घिरे पृथ्वीराज चव्हाण, भाजपा के हमले के बाद दी सफाई
Article- 30 क्या जरूरत?: कैलाश विजयवर्गीय
चीन से तनाव के बीच 33 नए लड़ाकू विमानों को खरीदेगा भारत – India will buy 33 new fighter jets under tension from China

Indian army

भारत ने कहा सीमा से तोप, टैंक, बख्तरबंद वाहन भी हटाए चीन मेजर जनरल स्तर की वार्ता में पूर्व स्थिति बहाल करने पर जोर

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में तीन जगहों पर भले चीन की सेनाएं पीछे हटी हों, मगर भारत की चिंता अब भी कम नहीं हुई है बुधवार को मेजर जनरल स्तर की बातचीत में भारत ने स्पष्ट कहा कि चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर गतिरोध वाली सभी जगहों से बड़ी तादाद में तैनात अपने सैनिकों को फौरन हटाए। इससे पहले, सरकार में उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया था कि भारत का स्पष्ट रुख है कि जब तक चीन 10,000 से ज्यादा सैनिकों, तोपों और टैंकों समेत हथियारों का जखीरा अलसी से हटा नहीं लेता, तब तक तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हो सकता। पैंगोंग झील समेत पूर्वी लद्दाख में विवाद खत्म करने लिए सकारात्मक माहौल में बातचीत करीब साढ़े चार घंटे चली, जिसमें भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने एक बार फिर विवाद से पहले की स्थिति बहाल करने पर जोर दिया। दरअसल, एलएसी पर जिस जगह पीपल्स लिबरेशन आर्मी (People’s Liberation Army) ने इतनी बड़ी संख्या में सैनिक तैनात किए हैं, वहां से भारतीय क्षेत्र बेहद पास है। इससे टकराव की आशंका हमेशा बनी रहेगी। सूत्रों ने बताया, पूर्वी लद्दाख से सैनिकों की वापसी शुरू हो गई है, मगर हम चाहते हैं कि चीन एलएसी से सटे इलाकों में तैनात एक डिविजन से ज्यादा यानी 10,000 सैनिक हर हाल में हटाए। गौरतलब है कि चीनी सैनिकों की तैनाती के बाद उसकी किसी भी हरकत का जवाब देने के लिए भारत ने भी सीमा पर 10,000 से ज्यादा सैनिक तैनात किए हैं। छह जून को सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत के बाद विश्वास बहाली के उपायों के तहत दोनों देशों की सेनाएं गलवां घाटी इलाके के पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 15 और हॉट स्प्रिंग्स (पेट्रोलिंग प्वाइंट 17) से 2-2.5 किमी तक पीछे हटी हैं। भारत की मांग है कि एलएसी पर विवाद से पहले की स्थिति कायम हो। इसके लिए चीन को फिंगर-4 से सैनिक हटाने होंगे और बंकरों और साजोसामान के लिए बनाए अन्य ढांचे ढहाने होंगेे।

पैंगोंग झील पर अभी सहमति नहीं

गलवां घाटी व गोगरा में शांतिपूर्ण ढंग से पीछे जाने पर यूं तो सहमति है, मगर असली बातचीत बैठकों में होगी। सूत्रों ने बताया, पैंगोंग झील व दौलत बेग ओल्डी को लेकर अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है। वहां दोनों देशों की सेनाएं डटी हैं।
  • झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर 4 से फिंगर 8 तक चीनी सेना अब भी मौजूद है।
  • चीन अपनी सीमा फिंगर 4 तक मानता है। जबकि, भारत का दावा रहा है कि चीन की सीमा फिंगर 8 पर खत्म हो जाती है इसके बाद भारतीय सीमा है।

अगले 10 दिन में सैनिकों की तैनाती पर चर्चा

भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर अगले 10 दिन में कई स्तर पर चर्चा होगी। इस दौरान भारतीय के सामने सैनिकों की संख्या कम करने का मुद्दा उठाएगा। भारत-चीन के बीच बटालियन, ब्रिगेड और मेजर जनरल स्तर की बातचीत होनी है।

दो एयर बेस पर चीन ने तैनात किए जंगी जहाज

चीन ने सैनिकों के अलावा एलएसी के पास होगा और गर गुंसा एयर बेस पर जंगी जहाजों की तैनाती की है। जानकारों के अनुसार आम दिनों में ऐसी तैनाती नहीं की जाती है। ऐसे में बेफिक्र नहीं हुआ जा सकता है।

यह 1962 का नहीं, 2020 का भारत है

चीन याद रखे कि यह 2020 है, 1962 में। भारत शांतिपूर्ण तरीके से विवादों का हल चाहता है। लेकिन भारत की तरफ कोई आंख उठाकर नहीं देख सकता है।
-रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री

हालात सामान्य करने के लिए उठा रहे कदम : चीन

बीजिंग। चीन ने बुधवार को कहा कि भारत-चीन की सेनाएं सकारात्मक सहमति से कदम उठा रही हैं। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, हाल ही में दोनों देशों ने प्रभावी संपर्क कायम किया और सकारात्मक सहमति पर पहुंचे दोनों पक्ष इस सहमति के बाद सीमा पर हालात को सामान्य बनाने के लिए कदम उठा रहे हैं।

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0