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MP: मंत्रियों को विभाग बांटने को लेकर अमित शाह से मिले शिवराज

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Amit Shah Shivraj Singh

नई दिल्ली. भाजपा की मप्र सरकार में सतह के नीचे की हलचल रिक्टर स्केल पर कई तरह के संकेत पैदा कर रही है। कल इन / हलचल का केंद्र दिल्ली रहा, जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शीर्ष भाजपा नेताओं से लंबी मंत्रणाएं कर अपने मंत्रियों को विभाग बांटने का फार्मूला निकालने का प्रयास किया। इस कवायद में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ उस वक्त आया जब शाम को चौहान ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बंगले का रुख किया। दोनों के बीच करीब एक घंटे की चर्चा के बाद शाह ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को बुलाया और फिर तीनों नेताओं के बीच फार्मूले पर चर्चा हुई, टेलिफोन कांग्रेस में ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शरीक किए गए। 

मंत्रियों के विभाग वितरण की सूची तैयार

विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि रात को हुई चर्चा काफी हद तक निर्णायक रही है और विभाग वितरण के लिये तैयार सूची में फेरबदल करने के बाद इसे फाइनल कर दिया गया है।‌ बताया जाता है कि पहले शाह ने चौहान से मंत्रियों को विभाग वितरण में आने वाली कठिनाईयों और इसकी वजह के बारे में पूछा, इसके बाद नड्डा चर्चा में शामिल किये गये तीन नेताओं ने भाजपा के मूल-कॉडर के मंत्रियों को मिलने वाले विभागों और सिंधिया गुट के मंत्रियों को देने वाले विभागों का बंटवारा’ किया, माना जा रहा है सिंधिया से भी इस दौरान फोन पर बात की गई। इस मैराथन चर्चा का लब्बोलुआब यह रहा कि कुछ कदम भाजपा ने पीछे खींचे और कुछ कदम सिंधिया ने। दरअसल मप्र में भाजपा नेता कुछ महत्वपूर्ण  को सिंधिया खेमे को नहीं दिये जाने के पक्ष में थे। 
अब ‌ सूत्र बताते है कि वाणिज्यिक, परिवहन और गृह विभाग भाजपा के मंत्रियों के पास आएंगे वहीं स्वास्थ्य, राजस्व, महिला बाल विकास, पीएचई जैसे महकमे सिंधिया समर्थक खेमे के पास रहेंगे। बताया जाता है कि आज दिल्ली में चौहान एक बार फिर नड्डा से चर्चा करने के बाद भोपाल लौटेंगे और देर शाम या कल कैबिनेट की बैठक में विभागों का वितरण कर देंगे। इधर ग्वालियर में मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मंत्रियों को विभाग मांगने का अधिकार है। कांग्रेस नेता डॉ. गोविंद सिंह खुद अपना विभाग चयन नहीं कर पाए थे, वे क्या सलाह देंगे।