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जानिए असम के बारे में

जानिए असम के बारे में

About Assam

असम की भौगोलिक स्थिति

असम 20° 30′ उत्तरी अक्षांश से 28° उत्तरी अक्षांश तथा 90°50′ पूर्वी देशान्तर से 97° 30′ पूर्वी देशान्तर के मध्य स्थित है। राज्य में सर्वाधिक वर्षा (178 से 305 सेमी.) जून से सितम्बर माह तक होती है। यहां की प्रमुख नदी ब्रह्मपुत्र है। यह नदी अपने उद्गम स्थल से 2,900 किमी. की यात्रा कर समुद्र तक पहुंचती है। करीब 9,35,500 वर्ग किमी क्षेत्र का पानी बहकर इस नदी में आता है। इसकी 120 सहायक नदियां हैं। राज्य के उत्तर में भूटान तथा अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम में पश्चिम बंगाल, पूर्व में नागालैंड व मणिपुर एवं दक्षिण में मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा एवं बांग्लादेश हैं। राज्य के करीब 19,019 [ 68 प्रतिशत] गांवों में बिजली पहुंचा दी गई है। प्रमुख बिजली घर चंद्रपुर ताप विद्युत परियोजना, नामरूप ताप विद्युत परियोजना के अतिरिक्त एक लघु पनबिजली परियोजना एवं कुछ गैस टरबाइन इकाइयां शामिल हैं।

असम की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

असम शब्द संस्कृत भाषा के असम शब्द से  लिया गया है, जिसका मतलब है अद्वितीय अथवा अनुपम। कुछ विद्वानों का यह भी मानना है कि यह शब्द अहोम से बना है। यहां करीब 600 साल अहोम राजाओं ने राज किया था। यहां की भूमि समतल नहीं है, इसलिए भी इसे असम कहा जाता है। प्राचीन काल में इस क्षेत्र को ‘प्राग्ज्योतिषपुर अर्थात ‘पौर्वात्य ज्योतिष का स्थान’ के नाम से भी जाना जाता था। 1826 में यह क्षेत्र ब्रिटिश सरकार के क्षेत्राधिकार में आ गया।

असम की आर्थिक स्थिति

राज्य में मुख्य फसलें चाय [भारत में सर्वाधिक उत्पादन] चावल, आलू, जूट और तिलहन है। नारियल, केला, आम और कटहल यहां के प्रमुख फल हैं। अस्सी प्रतिशत लोग कृषि कार्य पर आश्रित हैं। राज्य में करीब 39.44 लाख हेक्टेयर भूमि पर कृषि की जाती है। राज्य अपनी वन सम्पदा, जीव जंतुओं और वनस्पतियों के लिए प्रसिद्ध है। प्रदेश में 20.24 लाख हेक्टेयर जमीन पर वन हैं, जिसमें 22.21 प्रतिशत क्षेत्र में आरक्षित वन हैं

राज्य के उद्योग

यहां के अधिकांश उद्योग कृषि से संबंधित है यहां सबसे ज्यादा चाय की खेती होती है। गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र, सी.टी.सी. किस्म की चाय नीलामी का विश्व का सबसे बड़ा केंद्र है। असम से देश के कुल पेट्रोलियम उत्पादन का 50 प्रतिशत प्राप्त होता है। कोयला, चूना पत्थर, प्राकृतिक गैस, डोलोमाइट एवं क्ले प्रमुख खनिज हैं। कुटीर उद्योगों में हथकरघा, रेशम, बेंत और बांस की वस्तुएं, गलीचे की बुनाई, काष्ठ शिल्प, पीतल तथा अन्य धातुओं के शिल्प उद्योग अधिक हैं। यहां उत्पादित होने वाला मूंगा, रेशम की एक ऐसी किस्म है, जो दुनिया में सिर्फ असम में ही पैदा होती है। राज्य में नूनमती, गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ व बोगाई गांव में तेल शोधक कारखाने हैं।

परिवहन

राज्य में कुल सड़क मार्ग 89,486 किमी. लंबा है, जिसमें 2,836 किमी. राष्ट्रीय राजमार्ग है। रेलमार्ग की कुल लंबाई 2,517 किमी. है। ब्रॉड गेज-1,228 व मीटरगेज 1,289 किलोमीटर है। गुवाहाटी, तेजपुर, जोरहाट, उत्तरी लखीमपुर, सिलचर एवं डिब्रूगढ़ हवाई अड्डे हैं।

त्योहार

असम में कई तरह के त्योहार मनाए जाते हैं। ‘बिहू’ असम का प्रमुख त्यौहार है। इस त्यौहार को साल में तीन बार मनाया जाता है बोहाग बिहू या रंगाली बिहू फसल बुवाई की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और इससे नए साल का भी शुभारंभ होता है। माघ बिहू या भोगली बिहू फसल कटाई का त्योहार है और कांगली बिहू या काती बिहू शरद ऋतु का एक मेला है।
ज्यादातर त्योहार धार्मिक कारणों से मनाए जाते हैं। कामाख्या मंदिर में अंबुबाशी और उमानंदा तथा शिव मंदिरों के निकट स्थित अन्य स्थानों पर शिवरात्रि मेला, दिवाली, अशोक अष्टमी मेला, पौष मेला, परशुराम मेला, दुर्गा पूजा, दोल-जात्रा, ईद, और क्रिसमस  आदि अन्य धार्मिक त्योहार भी राज्य में श्रद्धा के साथ मनाए जाते हैं। 

असम के पर्यटन स्थल

माजुली-यह ब्रह्मपुत्र नदी के बीच में स्थित है। यहां 22 वैष्णव संतों के स्थल है। पर्यटकों की पसंदीदा जगह है। विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप माजुली, प्रसिद्ध पिकनिक स्थल चंडूबी झील, बौद्ध, हिन्दू और इस्लाम की मिलन स्थली के नाम से विख्यात हो जो’ देखने लायक है।
गुवाहाटी-पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार गुवाहाटी का शाब्दिक अर्थ गुवा यानी सुपारी और हाटी यानी बाजार। सुपारी का बाजार, यहां सुपारी के वृक्षों की बहुतायत है। छोटी पहाड़ियों से घिरा गुवाहाटी काफी फैला हुआ शहर है। सड़कें चौड़ी और साफ-सुथरी हैं। पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा चाय का केंद्र भी यहीं है। नीलांचल पर्वत पर स्थित कामाख्या मंदिर पर्यटकों में काफी लोकप्रिय है। इसके अलावा पर्यटक वशिष्ठ आश्रम जाना भी पसंद करते हैं। नेहरू पार्क गुवाहाटी की खूबसूरत जगहों में से एक है। शाम को यहां बड़ी चहल-पहल रहती है। संगीत की धुन पर फव्वारों के बनते-बिगड़ते बहुविध रूप एक अद्भुत समां बांध देते हैं। इसके अलावा चिडियाखाना, स्टेट म्युजियम, उमानंद आदि मुख्य पर्यटक स्थल हैं।
भालुकपोंग-जिया भोरोली नदी के तट पर स्थित यह नीली पहाड़ियों और हरे-भरे जंगलों से घिरा हुआ सुंदर स्थल है । यह अपने प्राकृतिक सौन्दर्य व हरीतिमा के लिए प्रसिद्ध है। यह अरुणाचल प्रदेश और असम की सीमा बनाता है।
डिग्बोई-चाय बागानों और ऊंची पहाड़ियों से घिरा डिग्बोई मुख्यतः तेल का कस्बा है। 1901 में यहां तेल-रिफायनरी स्थापित की गई थी। यह विश्व की दूसरी और एशिया की पहली रिफायनरी है।
अन्य पर्यटन स्थल– राज्य में गुवाहाटी का डोल गोविन्द, राज्य संग्रहालय दर्शनीय स्थल हैं । इसके अलावा एक सींग वाले गैंडों के लिए प्रसिद्ध काजीरंगा नेशनल पार्क, बच्चों के लिए मानस उद्यान, हॉफ लांग [जतिंगा पहाड़ियां], वैष्णव संत शंकर देव की जन्मभूमि बताद्रवा तथा रेशम उद्योग के लिए प्रसिद्ध सुआल कूची अन्य दर्शनीय स्थल है।